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Snow Trek to Hanumangarh Peak (3070 m) | हनुमानगढ़ चोटी यात्रा (नवंबर 2018)

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हनुमानगढ़ पीक मेरा पहला विंटर ट्रैक था। आखिरी भी हो सकता था। कैरियर का? या शायद जीवन का ही? मालूम नहीं। बस इतना पता है कि आगे से मैं कभी सर्दियों में ट्रैकिंग नहीं करूँगा। 'भालू प्रोन एरिया' में तो बिल्कुल नहीं। यही मेरा न्यू ईयर रेसोल्यूशन है। इस ट्रैक की कहानी इतनी खौफ़नाक है कि इस पर "I Shouldn't be alive" का एक दमदार एपिसोड बन सकता है। जैसे एक मीटिंग मोदी जी किए थे बेयर ग्रिल्स के साथ, वैसे ही एक हम भी किए थे 'बेयर' के साथ। फ़र्क सिर्फ़ इतना सा है कि हमारी वाली मीटिंग ज़्यादा 'वाइल्ड' थी। इससे प हले मैं भालू से नहीं डरता था। भालू का खूब मज़ाक उड़ाता था। जो लोग मुझसे पूछते थे कि तुम्हें भालू से डर नहीं लगता उन्हें भालू से बचने की 'निन्जा टेक्नीक' सिखाया करता था। फिर एक दिन मैं इस ट्रैक पर गया। बस उस  दिन  रात से मुुुझे भालू से भोत डर लगता है।

Kalah Pass Trek | मणिमहेश कैलाश यात्रा वाया कलाह जोत (2017) | भाग- II

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  मणिमहेश कैलाश यात्रा वाया कलाह जोत जारी है।  भाग  1 से आगे -  तभी एक आवाज़ सुनाई पड़ती है, "मैंने आपको शायद कहीं देखा है।" पीछे मुड़ने पर देखता हूँ कि  33-34 साल के एक सज्जन मुझे बड़े गौर से एकटक देख रहे हैं। जैसे पहचानने की पुरजोर कोशिश कर रहे हों। मुझे भी शक्ल जानी पहचानी लगती है। तभी कैसेट 15 महीने पीछे घूमती है और मैं पूछता हूँ,  "क्या आप सोनू भाई हैं?" जबाब हां में मिलता है।

Kalah Pass Trek | मणिमहेश कैलाश यात्रा वाया कलाह जोत (2017) | भाग- I

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इंजीनियरिंग की एक किताब है "अ कोर्स इन इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक मेजरमेंटस एंड इंस्ट्रुमेंटेशन" के नाम से। 1500 पन्नों की ये किताब भावी इंजीनियरों के लिए किसी बाइबल से कम नहीं है। 5 दशक पुरानी इस किताब के लेखक का अब निधन हो चुका है लेकिन अभी भी इतनी ज़बरदस्त सेल है कि उनका सुपुत्र आज दिन तक किताब की रॉयल्टी के चेक बटोर रहा है। अपनी इंस्ट्रुमेंटेशन इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दिनों में कई सेमेस्टरों में नैय्या पार लगाने का श्रेय इसी महान किताब को जाता है जिसे अपन लोग उस जमाने में 'मदर-बुक' कहा करते थे। किताब की एहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गर्मियों में हफ़्ता भर न नहाने वाले लड़के लोग भी सुबह शाम इस किताब को धूप-अगरबत्ती किया करते थे। ठीक ऐसा ही रुतबा हिमाचल की ट्रेकिंग फ्रेटर्निटी में  www.tarungoel.in वेबसाइट का है। वेबसाइट नहीं ज्ञान का भंडार है जो मेरे जैसे नौसिखिए ट्रैकरों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। संक्षेप में अगर इस वेबसाइट को "हिमाचल में ट्रेक्किंग की बाईबल" कहा जाए तो गलत नहीं होगा। मेरी आज तक की लगभग सभी यात्राएं तरुण...

Gaj Pass Trek | गज जोत यात्रा- मिलिए 16 साल के गद्दी तिलक राम से

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हर साल की तरह जब इस साल जून में मुझे "माउंटेन्स आर कॉलिंग एंड आई मस्ट गो !" वाला कीड़ा काटना शुरू हुआ तो प्लान बना गज जोत की यात्रा करने का।  लेकिन एक समस्या थी। मेरे सभी ट्रेक पार्टनर व्यस्त थे। टीम जालसू और टीम इंद्रहार को "कॉरपोरेट स्लेवरी" से छुट्टी नहीं मिली जबकि टीम पीर पंजाल ने खराब मौसम का हवाला दे के प्रोग्राम कैंसिल कर दिया। लेकिन अब 32 नैशनल गेम्स तो मैंने भी खेले हैं। मैंने भी हार नहीं मानी। जैसे तैसे ट्रेक पार्टनर ढूंढ के यात्रा करने निकल पड़ा। यात्रा के दौरान एक बड़े  रोचक वयक्तित्व वाले नवयुवक से मुलाकात हुई।